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राष्ट्रकूट |Rashtrakoo |
राष्ट्रकूट वंश (लगभग 753 ई. – 973 ई.) भारत के मध्यकालीन इतिहास का एक शक्तिशाली और सांस्कृतिक रूप से
समृद्ध राजवंश था, जिसने दक्षिण एवं मध्य भारत पर लगभग
दो शताब्दियों तक शासन किया। इनकी सत्ता का केंद्र वर्तमान कर्नाटक में था, और उन्होंने उत्तर में कन्नौज से
लेकर दक्षिण में कावेरी नदी तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया।
उत्पत्ति
- “राष्ट्रकूट” शब्द संस्कृत के राष्ट्र (देश) और कूट (मुखिया या नेता) से बना है।
- अधिकांश इतिहासकार मानते हैं कि वे महाराष्ट्र क्षेत्र से आए क्षत्रिय योद्धा थे, संभवतः राठौर या यादव वंश से संबंधित।
- प्रारंभ में वे बादामी चालुक्यों के सामंत थे।
राजधानी और क्षेत्रफल
- राजधानी: मण्यक्षेत (आधुनिक मलखेड, कर्नाटक)।
- क्षेत्र विस्तार:
- उत्तर में गंगा-यमुना के मैदान
- दक्षिण में कावेरी नदी
- पश्चिम में अरब सागर
- पूर्व में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ
भाग
प्रमुख शासक और उनकी उपलब्धियाँ
दन्तिदुर्ग
(753–756 ई.)
- राष्ट्रकूट साम्राज्य के संस्थापक।
- बादामी चालुक्यों के कीर्तिवर्मण II को हराकर स्वतंत्रता प्राप्त की।
- उत्तरी भारत में कई क्षेत्रों पर अधिकार
किया।
कृष्ण I (756–774 ई.)
- दन्तिदुर्ग के भतीजे।
- एलोरा का कैलासनाथ मंदिर बनवाया — यह एक ही चट्टान को काटकर बनाया
गया अद्भुत वास्तु-शिल्प है।
गोविन्द
III (793–814 ई.)
- साम्राज्य को चरम पर पहुँचाया।
- कन्नौज के त्रिपक्षीय संघर्ष में पाल और
प्रतिहारों को हराकर उत्तर भारत में प्रभुत्व स्थापित किया।
अमोघवर्ष
I (814–878 ई.)
- लगभग 64 वर्ष शासन किया।
- युद्ध से अधिक संस्कृति और धर्म में रुचि।
- जैन धर्म के महान संरक्षक।
- कन्नड़ साहित्य का पहला महत्त्वपूर्ण ग्रंथ काविराजमार्ग (लेखक: अमोघवर्ष I और कवि श्रीविजय) का निर्माण।
कृष्ण III
(939–967 ई.)
- चोलों को हराकर कांची और तंजावुर पर अधिकार
किया।
- अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में नौसैनिक
गतिविधियों का विस्तार।
प्रशासनिक व्यवस्था
- राजा: सर्वोच्च शासक, वंशानुगत सत्ता।
- मण्डल / राष्ट्र: प्रांत, जिसके प्रमुख को मण्डलेश्वर कहते थे।
- नाडु: जिलों का समूह।
- ग्राम: प्रशासन की सबसे छोटी इकाई।
- कर व्यवस्था सुव्यवस्थित थी और भूमि-राजस्व
मुख्य आय का स्रोत था।
धर्म और संस्कृति
- राष्ट्रकूटों ने हिंदू धर्म और जैन धर्म दोनों का संरक्षण किया।
- शैव, वैष्णव और जैन मंदिरों का निर्माण कराया।
- प्रमुख भाषाएँ: संस्कृत और कन्नड़।
- जैन विद्वानों जैसे महावीराचार्य और कवि पम्प को संरक्षण।
कला और स्थापत्य
- एलोरा का कैलासनाथ मंदिर राष्ट्रकूट कला का शिखर है — यह विश्व की
सबसे बड़ी मोनोलिथिक (एकाश्म) शिला-कृति है।
- वेसर शैली (उत्तर और दक्षिण भारतीय
वास्तुकला का मिश्रण) का विकास।
- मंदिर, गुफाएँ और मूर्तिकला अत्यंत उत्कृष्ट स्तर
की थीं।
पतन के कारण
1. प्रांतीय शासकों की बढ़ती स्वायत्तता।
2. चालुक्यों का पुनरुत्थान।
3. चोल साम्राज्य से संघर्ष।
4. अत्यधिक विस्तृत साम्राज्य का नियंत्रण कठिन
होना।
973 ई. में पश्चिमी चालुक्यों ने राष्ट्रकूट साम्राज्य
को समाप्त कर दिया।
महत्त्व
राष्ट्रकूट वंश ने भारत में राजनीतिक
एकता, सांस्कृतिक समृद्धि, भाषा-साहित्य के विकास और अद्वितीय स्थापत्य-कला
का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। एलोरा का कैलासनाथ मंदिर और कन्नड़ साहित्य में
काविराजमार्ग इनकी अमर धरोहर हैं।
- राष्ट्रकूट राजवंश का संस्थापक दन्तिदुर्ग (752ई.) था । वे कर्नाटक के चालुक्य राजाओं के अधीन थे। इसकी राजधानी मनकिर या मान्यखेत (वर्तमान मालखेड़, शोलापुर के निकट) थी।
- राष्ट्रकूट वंश के प्रमुख शासक थे : कृष्ण प्रथम, ध्रुव, गोविन्द तृतीय, अमोघवर्ष, कृष्ण-II, इन्द्र-III एवं कृष्ण-III ।
- एलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर का निर्माण कृष्ण प्रथम ने करवाया था।
- ध्रुव राष्ट्रकूट वंश का पहला शासक था, जिसने कन्नौज पर अधिकार करने हेतु त्रिपक्षीय संघर्ष में भाग लिया और प्रतिहार नरेश वत्सराज एवं पाल नरेश धर्मपाल को पराजित किया।
- ध्रुव को 'धारावर्ष' भी कहा जाता था।
- गोविन्द तृतीय ने त्रिपक्षीय संघर्ष में भाग लेकर चक्रायुद्ध एवं उसके संरक्षक धर्मपाल तथा प्रतिहार वंश के शासक नागभट्ट-II को पराजित किया।
- पल्लव, पाण्ड्य, केरल एवं गंग शासकों के संघ को गोविन्द-III ने नष्ट किया।
- अमोघवर्ष जैनधर्म का अनुयायी था। इसने कन्नड़ में कविराजमार्ग की रचना की। आदिपुराण के रचनाकार जिनसेन, गणितासार संग्रह के लेखक महावीराचार्य एवं अमोघवृत्ति के लेखक सक्तायना अमोघवर्ष के दरबार में रहते थे ।
- अमोघवर्ष ने तुंगभद्रा नदी में जल- समाधि लेकर अपने जीवन का अंत किया।
- इन्द्र-IIIके शासन काल में अरब निवासी अलमसूदी भारत आया; इसने तत्कालीन राष्ट्रकूट शासकों को भारत का
सर्वश्रेष्ठ शासक कहा।
- राष्ट्रकूट वंश का अंतिम महान शासक कृष्ण-III था । इसी के दरबार में कन्नड़ भाषा के कवि पोन्न रहते थे जिन्होंने शान्तिपुराण की रचना की।
- कल्याणी के चालुक्य तैलप-II ने 973 ई. में कर्क को हराकर राष्ट्रकूट राज्य पर अपना अधिकार कर लिया और कल्याणी के चालुक्य वंश की नींव डाली।
- एलोरा एवं एलिफेंटा (महाराष्ट्र) गुहामंदिरों का निर्माण राष्ट्रकूटों के समय ही हुआ। एलोरा में 34 शैलकृत गुफाएँ हैं । इसमें 1 से 12 तकबौद्धों, 13 से 29 तक हिन्दुओं एवं 30 से 34 तक जैनों की गुफाएँ हैं ।
- बौद्ध गुफाओं में सबसे प्रसिद्ध विश्वकर्मा गुफा (संख्या-10) है । इसमें एक चैत्य है। वहाँ पर दो मंजिली और तीन मंजिली गुफाएँ भी हैं, जिन्हें दो थल तथा तीन थल नाम दिया गया है । एलोरा की गुफा 15में विष्णु को नरसिंह अर्थात पुरुष-सिंह के रूप दिखलाया गया है।
नोट : एलोरा गुफाओं का सर्वप्रथम उल्लेख फ्रांसीसी
यात्री थेविनेट ने 17वीं शताब्दी में किया था।
- राष्ट्रकूट शैव, वैष्णव, शाक्त सम्प्रदायों के साथ-साथ जैन धर्म के भी उपासक थे।
- राष्ट्रकूटों ने अपने राज्यों में मुसलमान व्यापारियों को बसने तथा इस्लाम के प्रचार की स्वीकृति दी थी।
राष्ट्रकूट वंश – MCQ
राष्ट्रकूट
वंश की स्थापना किसने की थी?
a) गोविन्द III
b) दन्तिदुर्ग
c) अमोघवर्ष
d) कृष्ण I
उत्तर: b) दन्तिदुर्ग
राष्ट्रकूट
वंश की राजधानी कहाँ थी?
a) पाटलिपुत्र
b) अन्नर्त
c) मण्यक्षेत
d) उज्जैन
उत्तर: c) मण्यक्षेत
राष्ट्रकूटों
ने प्रारम्भ में किस वंश को हराकर सत्ता प्राप्त की?
a) पल्लव
b) चालुक्य
c) पांड्य
d) चेरा
उत्तर: b) चालुक्य
एलोरा
का प्रसिद्ध कैलासनाथ मंदिर किसने बनवाया था?
a) गोविन्द III
b) कृष्ण I
c) अमोघवर्ष
d) दन्तिदुर्ग
उत्तर: b) कृष्ण I
अमोघवर्ष
I का वास्तविक नाम क्या था?
a) गोविन्द
b) श्रीधर
c) श्रेय
d) निर्जर
उत्तर: a) गोविन्द
अमोघवर्ष
I ने किस भाषा में ‘काविराजमार्ग’
ग्रंथ की रचना कराई?
a) संस्कृत
b) कन्नड़
c) तमिल
d) तेलुगु
उत्तर: b) कन्नड़
राष्ट्रकूट
किस धर्म के बड़े संरक्षक थे?
a) जैन धर्म
b) बौद्ध धर्म
c) शैव धर्म
d) वैष्णव धर्म
उत्तर: a) जैन धर्म
राष्ट्रकूटों
का सबसे प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्र कौन सा था?
a) सोपारा
b) तम्रलिप्ति
c) कावेरीपट्टिनम
d) भारुकच्छ
उत्तर: d) भारुकच्छ
राष्ट्रकूट
वंश का कौन सा राजा “कर के बजाय दान” देने में विश्वास करता था?
a) दन्तिदुर्ग
b) कृष्ण I
c) अमोघवर्ष I
d) इंद्र III
उत्तर: c) अमोघवर्ष I
अमोघवर्ष
I ने राजधानी को मण्यक्षेत से कहाँ
स्थानांतरित किया था?
a) देवगिरि
b) मन्नूर
c) मन्न्यखेत
d) नई राजधानी नहीं बनाई
उत्तर: d) नई राजधानी नहीं बनाई
राष्ट्रकूट
किस क्षेत्रीय भाषा के विकास में अग्रणी थे?
a) हिंदी
b) कन्नड़
c) मराठी
d) तेलुगु
उत्तर: b) कन्नड़
“प्रश्नोत्तर माला” ग्रंथ किसके द्वारा लिखा गया?
a) महावीराचार्य
b) जैनमुनि
c) सोभनदेव
d) वीरसेनाचार्य
उत्तर: d) वीरसेनाचार्य
राष्ट्रकूटों
का प्रमुख धार्मिक केंद्र कौन सा था?
a) श्रवणबेलगोला
b) बदामी
c) बेलूर
d) हम्पी
उत्तर: a) श्रवणबेलगोला
राष्ट्रकूट
कला का सर्वोच्च उदाहरण कौन सा है?
a) लिंगराज मंदिर
b) कैलासनाथ मंदिर, एलोरा
c) सूर्य मंदिर, कोणार्क
d) बृहदेश्वर मंदिर
उत्तर: b) कैलासनाथ मंदिर, एलोरा
राष्ट्रकूट
वंश का सबसे महान शासक किसे माना जाता है?
a) कृष्ण I
b) गोविन्द III
c) अमोघवर्ष I
d) इंद्र III
उत्तर: b) गोविन्द III
गोविन्द
III ने किन क्षेत्रों में विजय प्राप्त
की थी?
a) कश्मीर से कन्याकुमारी तक
b) बंगाल से गुजरात तक
c) महाराष्ट्र से कर्नाटक तक
d) ओडिशा से तमिलनाडु तक
उत्तर: a) कश्मीर से कन्याकुमारी तक
“काविराजमार्ग” किस विषय पर आधारित है?
a) व्याकरण
b) काव्यशास्त्र
c) ज्योतिष
d) गणित
उत्तर: b) काव्यशास्त्र
राष्ट्रकूटों
के समय उत्तर भारत में कौन-सा वंश प्रमुख था?
a) प्रतिहार
b) पाल
c) चंदेल
d) चौहान
उत्तर: a) प्रतिहार
“त्रिपक्षीय संघर्ष” किन तीन वंशों के बीच हुआ था?
a) चोल, पल्लव, पांड्य
b) प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट
c) चालुक्य, चोल, चेरा
d) पल्लव, होयसाल, गंगा
उत्तर: b) प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट
त्रिपक्षीय
संघर्ष का मुख्य कारण कौन सा क्षेत्र था?
a) कांची
b) उज्जैन
c) कन्नौज
d) देवगिरि
उत्तर: c) कन्नौज
इंद्र III ने किस साम्राज्य को पराजित कर कन्नौज पर अधिकार
किया?
a) पाल
b) प्रतिहार
c) चोल
d) पल्लव
उत्तर: b) प्रतिहार
इंद्र III का शासनकाल किस बात के लिए प्रसिद्ध है?
a) विदेशी व्यापार
b) धार्मिक सहिष्णुता
c) प्रतिहारों की हार
d) मंदिर निर्माण
उत्तर: c) प्रतिहारों की हार
राष्ट्रकूट
वंश के पतन का मुख्य कारण क्या था?
a) आंतरिक विद्रोह
b) चालुक्यों का उदय
c) मुस्लिम आक्रमण
d) प्राकृतिक आपदाएँ
उत्तर: b) चालुक्यों का उदय
राष्ट्रकूट
काल में प्रमुख सिक्के किस धातु के बनते थे?
a) सोना और चांदी
b) तांबा और कांसा
c) लोहा
d) मिश्र धातु
उत्तर: a) सोना और चांदी
महावीराचार्य
ने किस विषय पर ग्रंथ लिखा?
a) गणित
b) साहित्य
c) चिकित्सा
d) राजनीति
उत्तर: a) गणित
अमोघवर्ष
I किस धार्मिक संप्रदाय से जुड़े थे?
a) शैव
b) वैष्णव
c) जैन
d) बौद्ध
उत्तर: c) जैन
राष्ट्रकूट
किस भाषा के संरक्षण के लिए विशेष प्रसिद्ध हैं?
a) कन्नड़ और संस्कृत
b) तमिल और तेलुगु
c) मराठी और कोंकणी
d) हिंदी और उर्दू
उत्तर: a) कन्नड़ और संस्कृत
राष्ट्रकूटों
ने किस क्षेत्र में नौसैनिक गतिविधियाँ कीं?
a) बंगाल की खाड़ी
b) अरब सागर
c) हिंद महासागर
d) लाल सागर
उत्तर: b) अरब सागर
“अमोघवर्ष” का अर्थ क्या है?
a) युद्ध में अपराजेय
b) कभी न व्यर्थ जाने वाला वर्षा
c) दानवीर राजा
d) धार्मिक राजा
उत्तर: a) युद्ध में अपराजेय
राष्ट्रकूट
वंश के सबसे अंतिम प्रमुख राजा कौन थे?
a) कृष्ण III
b) इंद्र IV
c) गोविन्द IV
d) दन्तिदुर्ग
उत्तर: b) इंद्र IV
कृष्ण III का शासनकाल किसके लिए जाना जाता है?
a) तंजावुर विजय
b) कांची विजय
c) कांची और तंजावुर दोनों
d) कोई नहीं
उत्तर: c) कांची और तंजावुर दोनों
कृष्ण III ने किस राज्य पर आक्रमण कर तंजावुर विजय प्राप्त
की?
a) पांड्य
b) चोल
c) चेरा
d) पल्लव
उत्तर: b) चोल
राष्ट्रकूट
किस कला शैली से जुड़े थे?
a) नागर शैली
b) द्रविड़ शैली
c) वेसर शैली
d) विजयनगर शैली
उत्तर: c) वेसर शैली
राष्ट्रकूट
काल में “मण्यक्षेत” कहाँ स्थित था?
a) महाराष्ट्र
b) कर्नाटक
c) तेलंगाना
d) मध्य प्रदेश
उत्तर: b) कर्नाटक
राष्ट्रकूट
काल में प्रसिद्ध गणितज्ञ कौन थे?
a) आर्यभट्ट
b) महावीराचार्य
c) भास्कराचार्य
d) वराहमिहिर
उत्तर: b) महावीराचार्य
राष्ट्रकूट
साम्राज्य का विस्तार सबसे अधिक किसके शासन में हुआ?
a) दन्तिदुर्ग
b) कृष्ण I
c) गोविन्द III
d) अमोघवर्ष I
उत्तर: c) गोविन्द III
राष्ट्रकूट
काल में कौन-सा महत्वपूर्ण जैन ग्रंथ लिखा गया?
a) काविराजमार्ग
b) प्रश्नोत्तर माला
c) आराधना
d) तिलोयपण्णत्ति
उत्तर: b) प्रश्नोत्तर माला
राष्ट्रकूट
प्रशासन में “नाडु” किसे कहते थे?
a) गाँव
b) जिले का समूह
c) प्रांत
d) राजधानी
उत्तर: b) जिले का समूह
राष्ट्रकूट
सेना का सबसे मजबूत भाग कौन सा था?
a) पैदल सेना
b) घुड़सवार सेना
c) हाथी सेना
d) नौसेना
उत्तर: b) घुड़सवार सेना
अमोघवर्ष
I ने अपनी राजधानी में किसे आमंत्रित
किया था?
a) महावीराचार्य
b) कल्हण
c) भास्कराचार्य
d) बाणभट्ट
उत्तर: a) महावीराचार्य
राष्ट्रकूटों
के पतन के बाद किस वंश ने कर्नाटक पर अधिकार किया?
a) पूर्वी चालुक्य
b) पश्चिमी चालुक्य
c) होयसाल
d) विजयनगर
उत्तर: b) पश्चिमी चालुक्य
राष्ट्रकूट
काल में “गुजरात” किस नाम से जाना जाता था?
a) लाट देश
b) गुर्जर देश
c) सौरसाष्ट्र
d) अपरांत
उत्तर: a) लाट देश
राष्ट्रकूटों
के किस शासक ने “श्रीपुर” पर विजय प्राप्त की?
a) कृष्ण III
b) गोविन्द III
c) अमोघवर्ष I
d) इंद्र III
उत्तर: b) गोविन्द III
राष्ट्रकूट
किस प्रकार के शिलालेख छोड़ गए हैं?
a) ताम्रपत्र और शिलालेख दोनों
b) केवल ताम्रपत्र
c) केवल शिलालेख
d) कोई नहीं
उत्तर: a) ताम्रपत्र और शिलालेख दोनों
राष्ट्रकूट
वंश का अंत किस वर्ष में हुआ?
a) 973 ई.
b) 1000 ई.
c) 1100 ई.
d) 950 ई.
उत्तर: a)
973 ई.
“अमोघवर्ष” का शासनकाल लगभग कितने वर्षों का था?
a) 20 वर्ष
b) 38 वर्ष
c) 64 वर्ष
d) 54 वर्ष
उत्तर: c) 64
वर्ष
कृष्ण I किसके भतीजे थे?
a) दन्तिदुर्ग
b) गोविन्द III
c) अमोघवर्ष I
d) इंद्र III
उत्तर: a) दन्तिदुर्ग
राष्ट्रकूट
किस वंश से सम्बंधित थे?
a) यादव
b) राठौर
c) मराठा
d) गुर्जर
उत्तर: b) राठौर
“कैलासनाथ मंदिर” किस पत्थर को काटकर बनाया गया?
a) ग्रेनाइट
b) बेसाल्ट
c) संगमरमर
d) बलुआ पत्थर
उत्तर: b) बेसाल्ट
राष्ट्रकूटों
की उत्पत्ति किस क्षेत्र से मानी जाती है?
a) गुजरात
b) राजस्थान
c) महाराष्ट्र
d) कर्नाटक
उत्तर: c) महाराष्ट्र
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