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सिंधु सभ्यता के प्रमुख नगर (Major cities of Indus civilization) |
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) प्राचीन भारत की सबसे प्राचीन और प्रमुख सभ्यताओं में से एक थी। इसका विकास लगभग 3300-1300 ईसा पूर्व के बीच हुआ था और यह सभ्यता अपनी शहरी योजना, वास्तुकला, सामाजिक व्यवस्था और लेखन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध थी। इस सभ्यता के कई प्रमुख नगर थे, जो अपने समय के सबसे विकसित और व्यवस्थित शहर माने जाते थे।
सिंधु सभ्यता के प्रमुख नगर
1. हड़प्पा (Harappa)
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स्थान: पंजाब, पाकिस्तान
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महत्त्व: हड़प्पा सभ्यता का नाम इसी नगर से पड़ा।
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विशेषताएं:
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यह नगर बड़े क्षेत्र में फैला हुआ था।
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यहाँ की नगर योजना आयताकार थी, जिसमें सड़कें जाल की तरह बनी थीं।
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मजबूत किलेबंदी, जल निकासी की व्यवस्थित व्यवस्था।
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मिट्टी की ईंटों से बने मकान और सार्वजनिक भवन पाए गए।
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व्यापार, कृषि और हस्तशिल्प की गतिविधियाँ प्रमुख थीं।
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2. मोहनजोदड़ो (Mohenjo-daro)
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स्थान: सिंध, पाकिस्तान
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महत्त्व: सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध नगर।
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विशेषताएं:
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सुव्यवस्थित सड़कें, अलग-अलग आवासीय और सार्वजनिक क्षेत्र।
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विशाल "ग्रेट बाथ" (महान स्नानागार) जो धार्मिक या सामाजिक आयोजन के लिए था।
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कड़ी नगर योजना और जल निकासी प्रणाली।
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किला या ऊँचा भाग जिसे 'सिटैडेल' कहते हैं।
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यहाँ के लोग शिल्प और व्यापार में निपुण थे।
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3. धोलावीरा (Dholavira)
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स्थान: गुजरात, भारत
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महत्त्व: सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख नगर, जो पश्चिमी भारत में स्थित है।
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विशेषताएं:
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तीन किलेबंदी वाले क्षेत्र, जो सुरक्षा के लिए बनाए गए थे।
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विशाल जलाशय (reservoir) जो वर्षा जल संग्रहण के लिए उपयोग किया जाता था।
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उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली।
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नगर में आवासीय, धार्मिक, और प्रशासनिक क्षेत्र स्पष्ट रूप से अलग-अलग थे।
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4. लोथल (Lothal)
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स्थान: गुजरात, भारत
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महत्त्व: सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह नगर।
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विशेषताएं:
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भव्य बंदरगाह, जिससे समुद्री व्यापार होता था।
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मोती और अन्य सामग्रियों का व्यापार।
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जल निकासी और नालों की व्यवस्था।
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सफाई और स्वच्छता का उच्च स्तर।
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मिट्टी की मूर्तियां, मोहरें, और अन्य कलाकृतियां मिली हैं।
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5. कालीबंगा (Kalibangan)
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स्थान: राजस्थान, भारत
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महत्त्व: सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख कृषि नगर।
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विशेषताएं:
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खेत और कृषि के प्रमाण मिले हैं।
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जल निकासी और सड़कों की योजना।
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मिट्टी के घर और किलेबंदी।
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मृतकों के दफनाने के विशेष तरीके।
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6. राखीगढ़ (Rakhigarhi)
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स्थान: हरियाणा, भारत
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महत्त्व: सिंधु सभ्यता का एक बड़ा नगर।
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विशेषताएं:
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बड़े पैमाने पर खुदाई से समृद्ध वस्तुएं मिली हैं।
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सुव्यवस्थित घर, जल निकासी प्रणाली।
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वस्त्र, आभूषण और औजारों के प्रमाण।
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सिंधु सभ्यता के नगरों की विशेषताएं
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नगर योजना: आयताकार और ग्रिड पैटर्न में सड़कें, जो नगर को दो भागों में बाँटती थीं – ऊँचा किला क्षेत्र (सिटैडेल) और नीचे आवासीय क्षेत्र।
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जल प्रबंधन: नालियां और जल निकासी की व्यवस्था बहुत उन्नत थी। घरों में शौचालय और स्नानागार थे।
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किलेबंदी: सुरक्षा के लिए मजबूत दीवारें और प्राचीर।
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आवास: ईंटों से बने मकान, जिनमें कई कमरे, आंगन, और छज्जे थे।
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व्यापार: स्थानीय और विदेशों (मेसोपोटामिया) के साथ व्यापार होता था।
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लिपि और संचार: अनकही लिपि (सिंधु लिपि), जो अभी पूरी तरह पढ़ी नहीं गई है।
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धार्मिक एवं सामाजिक जीवन: प्रतिमा, मूर्तियां, और विभिन्न कलाकृतियां मिली हैं, जिनसे सामाजिक जीवन का पता चलता है।
निष्कर्ष
सिंधु घाटी सभ्यता के ये नगर अपने समय के सबसे विकसित, सुव्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर थे। ये नगर न केवल भारत के इतिहास में बल्कि विश्व सभ्यता के इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इनके द्वारा प्रदर्शित नगर योजना, जल प्रबंधन और सामाजिक व्यवस्था आज भी आधुनिक नगर नियोजन के लिए उदाहरण माने जाते हैं।
बिलकुल!
यहाँ मैं सिंधु सभ्यता के नगरों की खुदाई, संस्कृति, प्रशासनिक प्रणाली, और व्यापार विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत कर रहा हूँ।
सिंधु सभ्यता – नगरों की खुदाई, संस्कृति, प्रशासनिक प्रणाली और व्यापार
1. नगरों की खुदाई (Excavation of Cities)
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प्रमुख पुरातात्विक स्थल: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, लोथल, कालीबंगा, राखीगढ़ आदि।
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खुदाई का आरंभ: सबसे पहले 1920 के दशक में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई शुरू हुई। ये खुदाई भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में हुईं।
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खुदाई में प्राप्त वस्तुएं: मिट्टी की मोहरें, मुहर, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, हथियार, घरेलू सामान, आभूषण, सीढ़ियाँ, जल निकासी के उपकरण।
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नगरों की संरचना: आयताकार योजना, चौड़ी और सीधी सड़कें, आवासीय और सार्वजनिक भवनों का भेद, किला (सिटैडेल)।
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जल निकासी प्रणाली: प्रत्येक घर से कूड़ा और गंदा पानी बाहर निकलता था। नालियाँ ठीक से बनी हुईं थीं, जो आधुनिक सीवर सिस्टम के समान थीं।
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विशेष खोजें: मोहनजोदड़ो का ‘ग्रेट बाथ’ धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए माना जाता है। धोलावीरा का विशाल जलाशय जल संरक्षण की उन्नत प्रणाली दर्शाता है।
2. संस्कृति (Culture)
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धार्मिक जीवन:
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सिंधु सभ्यता के लोग प्रकृति पूजा और पशु-पूजा में विश्वास रखते थे।
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शिव जैसे देवताओं के प्रतीक ‘पशुपतिनाथ’ की प्रतिमाएं मिली हैं।
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पूजा स्थलों में स्नानागार (‘ग्रेट बाथ’) का निर्माण मिलता है।
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मूर्तिकला में बैल, हाथी, और भैंस के चित्र और मूर्तियां प्रचलित थीं।
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कला और शिल्प:
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मिट्टी, पत्थर, और तांबे की मूर्तियां बनाई जाती थीं।
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मोहरों पर जानवरों और देवी-देवताओं की आकृतियाँ उकेरी गई थीं।
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कुम्हारों द्वारा बने बर्तन और सजावटी वस्तुएं बहुत सुंदर होती थीं।
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आवास:
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मकान ईंटों के बने होते थे, जिनमें छतें सपाट होती थीं।
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मकान में कई कमरे, आंगन और जल निकासी व्यवस्था थी।
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कुछ मकानों में स्नानघर और शौचालय होते थे।
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भाषा और लिपि:
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सिंधु लिपि, जो अभी तक पूरी तरह से पढ़ी नहीं गई।
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प्रतीकों और चित्रों का उपयोग करते थे।
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सामाजिक जीवन:
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सामाजिक वर्ग विभाजन स्पष्ट नहीं है, लेकिन एक सुव्यवस्थित समाज था।
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महिला और पुरुष दोनों के आभूषण मिले हैं, जिससे उनकी संस्कृति में दोनों की समान भूमिका का अनुमान है।
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3. प्रशासनिक प्रणाली (Administrative System)
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शहरी नियोजन: नगरों का व्यवस्थित और सुव्यवस्थित होना प्रशासन की उन्नत व्यवस्था को दर्शाता है।
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किला और सिटैडेल: हर नगर में एक ऊँचा किला क्षेत्र होता था, जहाँ संभवतः प्रशासनिक और धार्मिक कार्य होते थे।
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व्यवस्थित जल व्यवस्था: जल निकासी प्रणाली, कुएं, और जलाशय प्रशासनिक नियंत्रण का उदाहरण हैं।
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मोहरे (Seals): प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए मुहरों का इस्तेमाल होता था, जो दस्तावेजों और माल की पहचान के लिए थे।
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कर और व्यापार नियंत्रण: व्यापारिक वस्तुओं पर नियंत्रण और कर प्रणाली के प्रमाण मुहरों और व्यापार के नमूनों से मिलते हैं।
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सैन्य और सुरक्षा: किलेबंदी और मजबूत दीवारें सुरक्षा का संकेत हैं, लेकिन सैन्य शक्ति की अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
4. व्यापार (Trade)
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आंतरिक और विदेशी व्यापार:
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सिंधु सभ्यता के नगरों में व्यापार काफी विकसित था।
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स्थानीय व्यापार के साथ-साथ मेसोपोटामिया, ईरान, अफगानिस्तान जैसे क्षेत्रों के साथ भी व्यापार होता था।
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व्यापारिक वस्तुएं:
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तांबा, सोना, चांदी, मोती, मिट्टी के बर्तन, कपड़ा, मसाले, और लकड़ी के उत्पाद।
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समुद्री व्यापार:
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लोथल नगर में समुद्री व्यापार के लिए विकसित बंदरगाह था।
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जहाजों के जरिए अरब सागर और फारस की खाड़ी तक व्यापार होता था।
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व्यापारिक प्रणाली:
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मुहरें और लेखन व्यापार की वस्तुओं की पहचान के लिए उपयोग होती थीं।
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मुद्रा के बजाय वस्तु विनिमय प्रचलित था।
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व्यापारिक केंद्र:
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हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, धोलावीरा प्रमुख व्यापारिक नगर थे।
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निष्कर्ष
सिंधु घाटी सभ्यता के नगर न केवल अपनी उन्नत शहरी योजना और जल प्रबंधन के लिए बल्कि संस्कृति, प्रशासन, और व्यापार की दृष्टि से भी अत्यंत विकसित थे। उनकी खुदाई से प्राप्त वस्तुएं और संरचनाएं यह प्रमाणित करती हैं कि वे सभ्यता आधुनिक सोच और तकनीक से लैस थे। उनका सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन समृद्ध था, जिसने बाद की सभ्यताओं के लिए आधारशिला रखी।
सिंधु सभ्यता के प्रमुख नगर – MCQ
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सिंधु सभ्यता का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध नगर कौन सा था?
a) हड़प्पा
b) मोहनजोदड़ो
c) लोथल
d) धोलावीरा
उत्तर: b) मोहनजोदड़ो -
हड़प्पा नगर कहाँ स्थित है?
a) गुजरात
b) पंजाब
c) हरियाणा
d) राजस्थान
उत्तर: b) पंजाब -
सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह नगर कौन सा था?
a) कालीबंगा
b) धोलावीरा
c) लोथल
d) राखीगढ़
उत्तर: c) लोथल -
धोलावीरा नगर किस राज्य में स्थित है?
a) पंजाब
b) राजस्थान
c) गुजरात
d) हरियाणा
उत्तर: c) गुजरात -
मोहनजोदड़ो में प्रसिद्ध ‘ग्रेट बाथ’ का प्रयोग किस लिए माना जाता है?
a) सैनिक अभ्यास के लिए
b) धार्मिक स्नान के लिए
c) जल संरक्षण के लिए
d) व्यापार के लिए
उत्तर: b) धार्मिक स्नान के लिए -
सिंधु सभ्यता के नगरों की प्रमुख विशेषता क्या थी?
a) बिना योजना के निर्माण
b) सुव्यवस्थित जल निकासी और सड़कें
c) किलेबंदी की कमी
d) मिट्टी के घर न होना
उत्तर: b) सुव्यवस्थित जल निकासी और सड़कें -
कालीबंगा नगर मुख्यतः किस लिए जाना जाता है?
a) व्यापार के लिए
b) कृषि के लिए
c) सैन्य शक्ति के लिए
d) मछली पालन के लिए
उत्तर: b) कृषि के लिए -
सिंधु सभ्यता के नगरों में आमतौर पर मकान किस सामग्री से बने होते थे?
a) पत्थर
b) मिट्टी की ईंटें
c) लकड़ी
d) लोहे के बने
उत्तर: b) मिट्टी की ईंटें -
सिंधु सभ्यता की लिपि किस रूप में है?
a) देवनागरी
b) सिंधु लिपि (अज्ञात लिपि)
c) संस्कृत
d) फारसी
उत्तर: b) सिंधु लिपि (अज्ञात लिपि) -
राखीगढ़ नगर किस आधुनिक राज्य में स्थित है?
a) राजस्थान
b) हरियाणा
c) पंजाब
d) गुजरात
उत्तर: b) हरियाणा -
सिंधु सभ्यता के नगरों में प्रमुख जल प्रबंधन प्रणाली क्या थी?
a) नदियों पर बांध
b) नालियों और जल निकासी की व्यवस्था
c) कुएं
d) तालाब नहीं थे
उत्तर: b) नालियों और जल निकासी की व्यवस्था -
मोहनजोदड़ो की ‘सिटैडेल’ किस लिए जानी जाती है?
a) धार्मिक स्थल
b) किले के समान ऊँचा भाग
c) बाजार
d) आवासीय क्षेत्र
उत्तर: b) किले के समान ऊँचा भाग -
लोथल नगर किस वस्तु के व्यापार के लिए प्रसिद्ध था?
a) सोना
b) मछली
c) मोती
d) कपास
उत्तर: c) मोती -
सिंधु सभ्यता के नगरों की योजना कैसी थी?
a) अराजक
b) गोलाकार
c) जाल (ग्रिड) की तरह व्यवस्थित
d) तिरछी सड़कें
उत्तर: c) जाल (ग्रिड) की तरह व्यवस्थित -
हड़प्पा और मोहनजोदड़ो सभ्यता का उद्भव किस नदी के किनारे हुआ था?
a) गंगा
b) सिंधु
c) नर्मदा
d) गोदावरी
उत्तर: b) सिंधु -
सिंधु सभ्यता के नगरों में सबसे पुराना प्रमाण किस नगर से मिला है?
a) लोथल
b) कालीबंगा
c) हड़प्पा
d) मोहनजोदड़ो
उत्तर: c) हड़प्पा -
सिंधु सभ्यता के नगरों में मृतकों को दफनाने की परंपरा कहाँ विशेष रूप से देखी गई?
a) लोथल
b) कालीबंगा
c) धोलावीरा
d) राखीगढ़
उत्तर: b) कालीबंगा -
सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार के शौचालय प्रयोग करते थे?
a) खुले में
b) घर के अंदर निर्मित शौचालय
c) नदी में
d) नालियों में नहीं
उत्तर: b) घर के अंदर निर्मित शौचालय -
सिंधु सभ्यता के लोग किस उद्योग में निपुण थे?
a) लोहारगीर और धातुकर्म
b) कपड़ा उद्योग
c) चित्रकला
d) पेट्रोलियम
उत्तर: a) लोहारगीर और धातुकर्म -
सिंधु सभ्यता के लोग किन विदेशी क्षेत्रों के साथ व्यापार करते थे?
a) मेसोपोटामिया
b) चीन
c) मिस्र
d) यूरोप
उत्तर: a) मेसोपोटामिया -
मोहनजोदड़ो में पाए गए मकान आमतौर पर कितने मंजिला होते थे?
a) एक मंजिला
b) दो मंजिला
c) तीन मंजिला
d) चार मंजिला
उत्तर: b) दो मंजिला -
सिंधु सभ्यता के नगरों में शौचालय की व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
a) जल संरक्षण
b) स्वच्छता और स्वास्थ्य
c) धार्मिक अनुष्ठान
d) जल आपूर्ति
उत्तर: b) स्वच्छता और स्वास्थ्य -
हड़प्पा नगर के अलावा कौन सा नगर सिंधु सभ्यता का पुरातात्विक स्थल है?
a) वाराणसी
b) लोथल
c) उज्जैन
d) मथुरा
उत्तर: b) लोथल -
सिंधु सभ्यता के लोगों ने किस चीज़ का निर्माण किया था, जिसका प्रयोग लेखन में होता था?
a) पत्थर की तख्तियां
b) मिट्टी की मोहरें
c) लकड़ी के बोर्ड
d) ताम्रपत्र
उत्तर: b) मिट्टी की मोहरें -
मोहनजोदड़ो की खोज कब हुई थी?
a) 1920 के दशक में
b) 1850 के दशक में
c) 1950 के दशक में
d) 1900 के दशक में
उत्तर: a) 1920 के दशक में -
सिंधु सभ्यता के प्रमुख नगरों की लंबाई और चौड़ाई का सामान्य पैमाना क्या था?
a) अराजक और छोटे
b) आयताकार और बड़े क्षेत्र में फैले हुए
c) गोलाकार
d) त्रिकोणीय
उत्तर: b) आयताकार और बड़े क्षेत्र में फैले हुए -
सिंधु सभ्यता के नगरों की दीवारें किससे बनी होती थीं?
a) पत्थर
b) जलप्रतिरोधी ईंटों से
c) लकड़ी
d) मिट्टी
उत्तर: b) जलप्रतिरोधी ईंटों से -
लोथल में किस प्रकार का बंदरगाह था?
a) प्राकृतिक बंदरगाह
b) कृत्रिम बंदरगाह
c) नदी के किनारे बंदरगाह
d) समुद्र से दूर बंदरगाह
उत्तर: b) कृत्रिम बंदरगाह -
सिंधु सभ्यता के नगरों की जल निकासी व्यवस्था किसकी सहायता से होती थी?
a) नदियाँ
b) सीवर और नालियां
c) कुएं
d) तालाब
उत्तर: b) सीवर और नालियां -
सिंधु सभ्यता के लोग सबसे अधिक किस वस्तु का व्यापार करते थे?
a) मसाले
b) सोना और चांदी
c) मोती और खनिज
d) कपास और खादी
उत्तर: c) मोती और खनिज -
सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार की मूर्तियां बनाते थे?
a) पत्थर की
b) मिट्टी की
c) तांबे की
d) सोने की
उत्तर: b) मिट्टी की -
कालीबंगा नगर की खास विशेषता क्या है?
a) कृषि के लिए विकसित क्षेत्र
b) सबसे बड़ा नगर
c) प्रमुख बंदरगाह
d) सबसे पुराना नगर
उत्तर: a) कृषि के लिए विकसित क्षेत्र -
सिंधु सभ्यता की लिपि का क्या स्वरूप है?
a) चित्रलिपि
b) ध्वन्यात्मक लिपि
c) पूर्ण विकसित लिपि, अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं गई
d) देवनागरी लिपि
उत्तर: c) पूर्ण विकसित लिपि, अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं गई -
मोहनजोदड़ो के ‘सिटैडेल’ का मुख्य उपयोग क्या था?
a) आवासीय क्षेत्र
b) प्रशासनिक और धार्मिक केंद्र
c) बाजार क्षेत्र
d) सैनिक किला
उत्तर: b) प्रशासनिक और धार्मिक केंद्र -
सिंधु सभ्यता में किस प्रकार की कला प्रचलित थी?
a) शिल्प कला और मूर्तिकला
b) चित्रकला
c) स्थापत्य कला
d) संगीत कला
उत्तर: a) शिल्प कला और मूर्तिकला -
सिंधु सभ्यता के नगरों में कितनी मंजिला मकान पाए गए हैं?
a) अधिकतर एक मंजिला
b) दो मंजिला और उससे ऊपर भी
c) तीन मंजिला से अधिक
d) केवल एक मंजिला
उत्तर: b) दो मंजिला और उससे ऊपर भी -
सिंधु सभ्यता के नगरों में प्रमुख पेयजल का स्रोत क्या था?
a) कुएं और तालाब
b) नदियाँ और वर्षा जल संग्रहण
c) समुद्र
d) जलाशय नहीं था
उत्तर: b) नदियाँ और वर्षा जल संग्रहण -
सिंधु सभ्यता के प्रमुख नगरों के निर्माण में किस तकनीक का इस्तेमाल हुआ?
a) पत्थर काटना
b) जल प्रतिरोधी ईंट निर्माण
c) लकड़ी का प्रयोग
d) काष्ठ शिल्प
उत्तर: b) जल प्रतिरोधी ईंट निर्माण -
सिंधु सभ्यता के नगरों में घरों के किस भाग में स्नानागार पाए गए?
a) आंगन
b) बाथरूम या शौचालय के पास
c) छत पर
d) बाहर खुले स्थान पर
उत्तर: b) बाथरूम या शौचालय के पास -
लोथल नगर के बंदरगाह का महत्व क्या था?
a) सिर्फ सैन्य उद्देश्य के लिए
b) व्यापार के लिए समुद्री मार्ग का उपयोग
c) मछली पकड़ने के लिए
d) धार्मिक अनुष्ठान के लिए
उत्तर: b) व्यापार के लिए समुद्री मार्ग का उपयोग -
सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार की लिपि का उपयोग करते थे?
a) मात्रात्मक लिपि
b) अंक लिपि
c) प्रतीकात्मक लिपि (लिपि अभी पूर्णतया पढ़ी नहीं गई)
d) चित्रलिपि
उत्तर: c) प्रतीकात्मक लिपि (लिपि अभी पूर्णतया पढ़ी नहीं गई) -
हड़प्पा नगर की खोज कब हुई?
a) 1921
b) 1947
c) 1890
d) 1950
उत्तर: a) 1921 -
मोहनजोदड़ो के लोग किस प्रकार का शौचालय प्रयोग करते थे?
a) नदी के किनारे खुला शौचालय
b) घरों के भीतर निर्मित शौचालय
c) सार्वजनिक शौचालय
d) शौचालय का कोई प्रमाण नहीं
उत्तर: b) घरों के भीतर निर्मित शौचालय -
सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार का खेल खेलते थे?
a) कबड्डी
b) शतरंज
c) गेंद और डंडा से खेल
d) मुक्केबाजी
उत्तर: c) गेंद और डंडा से खेल -
सिंधु सभ्यता के नगरों में पाए गए प्रमुख धार्मिक प्रतीक कौन से थे?
a) शिव लिंग और पशुपतिनाथ के प्रतीक
b) सूर्य देवता के प्रतीक
c) बौद्ध प्रतिमाएं
d) कोई धार्मिक प्रतीक नहीं
उत्तर: a) शिव लिंग और पशुपतिनाथ के प्रतीक -
सिंधु सभ्यता के नगरों की विशेष जल निकासी व्यवस्था का उद्देश्य क्या था?
a) नालों में जल का बहाव सुनिश्चित करना
b) जल का संचयन
c) जल आपूर्ति
d) कृषि के लिए सिंचाई
उत्तर: a) नालों में जल का बहाव सुनिश्चित करना -
लोथल में कौन सा प्रमुख उद्योग था?
a) धातुकर्म
b) कपड़ा उद्योग
c) मोती उद्योग
d) मछली पालन
उत्तर: c) मोती उद्योग -
सिंधु सभ्यता के नगरों में आमतौर पर किस प्रकार की अर्थव्यवस्था पाई गई?
a) कृषि, हस्तशिल्प, और व्यापार
b) केवल कृषि
c) केवल शिकार
d) केवल व्यापार
उत्तर: a) कृषि, हस्तशिल्प, और व्यापार -
सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार की मूर्तियां बनाते थे?
a) मनुष्यों और जानवरों की छोटी मिट्टी की मूर्तियां
b) केवल देवताओं की मूर्तियां
c) लकड़ी की मूर्तियां
d) पत्थर की बड़ी मूर्तियां
उत्तर: a) मनुष्यों और जानवरों की छोटी मिट्टी की मूर्तियां -
सिंधु सभ्यता के नगरों का पतन कब हुआ माना जाता है?
a) लगभग 1900-1300 ईसा पूर्व
b) 500 ईसा पूर्व
c) 3000 ईसा पूर्व
d) 1000 ईसा पूर्व
उत्तर: a) लगभग 1900-1300 ईसा पूर्व
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