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Shakas (शक) |
शक (Saka)- विस्तृत परिचय
शक एक प्राचीन आरीय जनजाति थी, जिन्हें प्राचीन भारतीय इतिहास में अक्सर
आक्रमणकारी, घुमंतू और योद्धा समुदाय के रूप में
वर्णित किया गया है। वे मुख्यतः मध्य एशिया से निकले थे और प्राचीन भारत के
उत्तर-पश्चिमी भागों में आने के बाद उन्होंने कई राज्यों पर अधिकार किया। भारतीय
इतिहास में शकों का उल्लेख पुराणों, महाभारत, और
अन्य प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।
शक कौन
थे?
- शक एक स्किथियन (Scythian)
जाति थी, जो कि मध्य एशिया के पूर्वी भाग से निकली
थी।
- इन्हें भारतीय स्रोतों में शक, शक, शकास या शकास कहा जाता है।
- वे घुमंतू और योद्धा थे, जिनका प्रमुख व्यवसाय युद्ध और घुड़सवारी
था।
- शकों की पैठ भारत में लगभग 2nd शताब्दी ईसा पूर्व के आस-पास हुई।
शकों
का भारत में आगमन और स्थापना
- शकों ने मुख्यतः अफगानिस्तान, पंजाब और सिंध क्षेत्रों में अपनी सत्ता
स्थापित की।
- वे पहले इंडो-ग्रीकों (यवनों) के बाद आए और
भारत के पश्चिमी उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में प्रभावी हुए।
- शक वंश के कई राजा पंजाब, गुजरात, और आसपास के क्षेत्रों में शासन करने लगे।
- उनकी राजधानी आमतौर पर पुरानी शक (सेना नगर)
मानी जाती है।
शक वंश
के प्रमुख शासक
- राजा मुखिया: जड़वा शक, कण्वशक, और दविश्च शासकों के नाम इतिहास में मिलते
हैं।
- राजा कर्ण: जिन्हें शक वंश के सबसे प्रसिद्ध शासकों में
माना जाता है।
- राजा रुद्र: शक वंश के एक शक्तिशाली शासक जिन्होंने
पश्चिमी भारत और गुजरात में शासन किया।
- राजा भोज: जिन्हें गुप्त साम्राज्य के समय के बाद भी
देखा गया।
शक वंश
की राजनीतिक स्थिति
- शकों ने स्थानीय भारतीय राजाओं से युद्ध किए
और कई क्षेत्रों को अपने अधीन किया।
- उनकी सत्ता लगभग 200 ईसा पूर्व से 400 ईस्वी तक बनी रही।
- उन्होंने गुप्त साम्राज्य से टकराव किया, लेकिन अंततः गुप्त साम्राज्य ने उन्हें
परास्त कर दिया।
- शक वंश का पतन लगभग 5वीं सदी के अंत में हुआ।
शकों
का प्रशासन और सामाजिक व्यवस्था
- शक वंश ने भारतीय प्रशासनिक प्रणाली को
अपनाया लेकिन उसमें अपने सैन्य और योद्धा मूल्यों को भी जोड़ा।
- उनके शासन में सेना और युद्ध को प्राथमिकता
दी गई।
- शकों के समाज में जातीय और सांस्कृतिक
विविधता थी, जिसमें
भारतीय और मध्य एशियाई संस्कृतियों का मिश्रण था।
- उनका शासन व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और
विस्तार पर केंद्रित था।
शकों
का सांस्कृतिक प्रभाव
- शकों ने भारतीय कला, वास्तुकला और धार्मिक जीवन पर गहरा प्रभाव
डाला।
- गुजरात और राजस्थान के मंदिरों में शकों के
स्थापत्य और मूर्तिकला के तत्व देखे जा सकते हैं।
- उन्होंने भारतीय और विदेशी कला शैलियों को
मिलाकर नई कलात्मक विधाएँ विकसित कीं।
- शकों के समय में कई नए व्यापारिक मार्ग खुले, जिससे भारत और मध्य एशिया के बीच संपर्क
बढ़ा।
शकों
और अन्य सभ्यताएँ
- शकों का संबंध मध्य एशिया की स्किथियन
सभ्यता से था।
- वे पारसी साम्राज्य के समय भी प्रभावशाली
थे।
- शकों का संघर्ष ग्रीकों, पारसियों, यवनों, और बाद में कूशाणों से होता रहा।
शक वंश
के प्रमुख युद्ध और सैन्य अभियान
- शकों ने भारत में प्रवेश के बाद विभिन्न
स्थानीय और विदेशी शक्तियों के साथ संघर्ष किया।
- उन्होंने इंडो-ग्रीकों (यवनों) से कई बार
युद्ध लड़े और उनका क्षेत्र उत्तर-पश्चिम भारत में सीमित किया।
- शकों और पारसियों के बीच भी विवाद और युद्ध
होते रहे, क्योंकि
दोनों के क्षेत्रीय विस्तार के प्रयास टकराते थे।
- गुप्त साम्राज्य के समय, शकों को परास्त करने के लिए सम्राट
चंद्रगुप्त प्रथम और सम्राट समुद्रगुप्त ने कई अभियानों का संचालन किया।
- शकों का गुप्त साम्राज्य से संघर्ष उनके पतन
का प्रमुख कारण बना।
शक वंश
की कला और स्थापत्य
- शक काल की कला में भारतीय, ग्रीक और मध्य एशियाई प्रभाव मिलते हैं।
- गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में शकों के शासनकाल
के दौरान बनी मूर्तियाँ और मंदिर उनकी कला का उदाहरण हैं।
- शकों ने बौद्ध धर्म और हिन्दू धर्म दोनों के
संरक्षण में योगदान दिया।
- उनकी स्थापत्य शैली में युद्ध-कला और
चट्टानी संरचनाओं का मिश्रण देखने को मिलता है।
- शकों के समय की मूर्तिकला में घुड़सवारों और
योद्धाओं की प्रतिमाएं प्रचलित थीं।
शक वंश
की भाषा और लेखन
- शकों ने अपने सिक्कों और अभिलेखों में
प्राकृत, खरोष्ठी
और ब्राह्मी लिपि का प्रयोग किया।
- उनकी भाषा में मध्य एशियाई भाषाओं का प्रभाव
स्पष्ट था, साथ
ही स्थानीय भारतीय भाषाओं के शब्द भी शामिल थे।
- सिक्कों पर शासकों के नाम और अधिकार के
विवरण प्रायः दो भाषाओं में होते थे।
- शकों की भाषा और अभिलेखों का अध्ययन
इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
शक वंश
के पतन के कारण
- शकों का पतन मुख्य रूप से गुप्त साम्राज्य
के विस्तार और विजय के कारण हुआ।
- गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त ने शकों के खिलाफ
कई सफल सैन्य अभियान चलाए।
- आंतरिक कलह, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक दबाव भी पतन के
कारण थे।
- कूशाणों और हूणों के आक्रमणों ने भी शक वंश
की सत्ता को कमजोर किया।
- 5वीं-6वीं सदी तक शकों का प्रभाव लगभग समाप्त हो
गया।
शक वंश
का इतिहास में महत्व
- शकों ने भारतीय इतिहास में मध्य एशिया के
प्रभाव का प्रतिनिधित्व किया।
- उन्होंने भारतीय कला, युद्धकला, और प्रशासनिक प्रणाली में विदेशी तत्वों को
जोड़ा।
- उनकी सैन्य और राजनीतिक गतिविधियों ने
उत्तर-पश्चिम भारत के राजनीतिक भूगोल को बदला।
- शकों के विरासत ने बाद के मध्यकालीन भारत के
इतिहास को भी प्रभावित किया।
शक वंश
के बाद की सभ्यताएँ
- शकों के पतन के बाद कूशाण और हून जैसे अन्य
मध्य एशियाई वंशों का उदय हुआ।
- ये नए शासक भी भारतीय उपमहाद्वीप के
सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण थे।
- शकों की विरासत इन नए शासकों द्वारा भी
अपनाई गई और विकसित की गई।
शक वंश
का सामाजिक जीवन
- शक समाज में घुड़सवार योद्धा प्रमुख थे, जो अपनी सैन्य क्षमताओं के लिए जाने जाते
थे।
- उनका समाज अर्ध-घुमंतू (semi-nomadic)
था, जो घुड़सवारी, शिकार, और युद्ध में निपुण था।
- शकों के समाज में जाति आधारित वर्गीकरण था, लेकिन भारतीय जाति व्यवस्था से अलग।
- वे परिवार और वंश की परंपराओं को महत्व देते
थे और कुलीन योद्धा वर्ग की प्रधानता थी।
- शकों के बीच महिलाओं को भी सामाजिक सम्मान
प्राप्त था, और
कई महिला योद्धाओं के उदाहरण मिलते हैं।
शक वंश
की आर्थिक व्यवस्था
- शकों की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि, पशुपालन, और व्यापार पर आधारित थी।
- वे व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण रखते थे, जिससे भारत और मध्य एशिया के बीच वस्तुओं का
आदान-प्रदान संभव हुआ।
- शकों ने सिल्क रोड के दक्षिणी हिस्से को
सुरक्षित रखा और इसे आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया।
- उनके शासनकाल के दौरान कृषि भूमि का विकास
हुआ, खासकर
सिंधु और गंगा के किनारे।
- सिक्कों का प्रचलन आर्थिक लेन-देन को आसान
बनाने के लिए किया गया।
शक वंश
का धार्मिक दृष्टिकोण
- शक शासकों ने बौद्ध धर्म, हिन्दू धर्म, और स्थानीय धर्मों को संरक्षण दिया।
- वे बहुधार्मिक और सहिष्णु थे, जिससे विभिन्न धर्मों का विकास हुआ।
- बौद्ध स्तूपों और मंदिरों के निर्माण में
शकों की भूमिका उल्लेखनीय रही।
- उनकी कला में बौद्ध धर्म के साथ-साथ पारसी
और यूनानी धार्मिक प्रतीकों का भी समावेश था।
- शक शासकों ने ज़ोरास्ट्रियन धर्म के प्रभाव
को भी स्वीकार किया।
शक
राज्य के सिक्के (Coins)
- शकों ने अपने शासन के दौरान चांदी, तांबा, और कभी-कभी सोने के सिक्के जारी किए।
- सिक्कों पर प्रायः शासक का नाम, उनके अधिकार और देवताओं के चित्र होते थे।
- सिक्कों पर ब्राह्मी, खरोष्ठी, और ग्रीक लिपि का उपयोग होता था, जो बहुभाषी और बहुसंस्कृतिक शासन को दर्शाता
है।
- सिक्कों की शैली और कला ने बाद के भारतीय
राज्यों के सिक्कों को प्रभावित किया।
- शक सिक्कों का अध्ययन प्राचीन भारतीय इतिहास
और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण स्रोत है।
शकों
के सिक्कों पर पाए जाने वाले प्रतीक
- सूर्य, चंद्रमा, और अग्नि के धार्मिक प्रतीक
- बौद्ध स्तूप और पद्म
- यूनानी देवताओं जैसे ज़्यूस और हेरा के
चित्र
- शासकों के सैन्य और राजसी प्रतीक
शक वंश
की विरासत
- शकों ने भारत के सांस्कृतिक और राजनीतिक
परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्होंने मध्य एशिया और भारत के बीच व्यापार, कला, और संस्कृति का पुल बनाया।
- उनकी सैन्य और प्रशासनिक नीतियाँ बाद के
शासकों के लिए मार्गदर्शक बनीं।
- उनके द्वारा समर्थित कला और स्थापत्य कार्य
आज भी भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय हैं।
शक वंश का इतिहास भारतीय उपमहाद्वीप
के विविध और समृद्ध इतिहास का एक अनिवार्य हिस्सा है। वे मध्य एशियाई मूल के
योद्धा और शासक थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति में गहरा योगदान दिया। उनकी
बहुसांस्कृतिक विरासत और सहिष्णुता ने भारतीय इतिहास को नई दिशा दी।
- यूनानियों के बाद शक आए। शकों की पांच शाखाएँ थीं और हर शाखा की राजधानी भारत और अफगानिस्तान में अलग-अलग भागों में थी।
- पहली शाखा ने अफगानिस्तान, दूसरी शाखा ने पंजाब (राजधानी- तक्षशिला), तीसरी शाखा ने मथुरा, चौथी शाखा ने पश्चिमी भारत एवं पाँचवीं शाखा ने ऊपरी दक्कन पर प्रभुत्व स्थापित किया। प्रथम शक राजा मोअ था।
- शक मूलतः मध्य एशिया के निवासी थे और चरागाह की खोज में भारत आए।
- 58 ईसा पूर्व में उज्जैन के एक स्थानीय राजा ने शकों को पराजित करके बाहर
खदेड़ दिया और विक्रमादित्य की उपाधि धारण की ।
- शकों पर विजय के उपलक्ष्य में 58 ईसा पूर्व से एक नया संवंत विक्रम सम्वंत के नाम से प्रारंभ हुआ। उसी समय से विक्रमादित्य एक लोकप्रिय उपाधि बन गयी, जिसकी संख्या भारतीय इतिहास में 14 तक पहुँच गयी गुप्त सम्राट् चन्द्रगुप्त द्वितीय सबसे अधिक विख्यात विक्रमादित्य था।
- शकों की अन्य शाखाओं की तुलना में पश्चिम भारत में प्रभुत्व स्थापित करनेवाली शाखा ने सबसे लम्बे अरसे तक शासन किया। (लगभग चार शताब्दी तक)
- गुजरात में चल रहे समुद्री व्यापार से यह शाखा काफी लाभान्वित हुई और भारी संख्या में चाँदी के सिक्के जारी किए।
- शकों का सबसे प्रतापी शासक रुद्रदामन प्रथम था जिसका शासन (130-150 ई.) गुजरात के बड़े भाग पर था। इसने काठियावाड़ की अर्थशुष्क सुदर्शन झील (मौर्यों द्वारा निर्मित) का जीर्णोद्धार किया।
- रुद्रदामन संस्कृत का बड़ा प्रेमी था उसने ही सबसे पहले विशुद्ध संस्कृत भाषा में लम्बा अभिलेख (गिरनार अभिलेख) जारी किया, इसके पहले के सभी अभिलेख प्राकृत भाषा में रचित थे।
- भारत में शक राजा अपने को छत्रप कहते थे।
पार्थियाई
या पहलूब
पश्चिमोत्तर
भारत में शकों के आधिपत्य के बाद पार्थियाई लोगों का आधिपत्य हुआ। सबसे प्रसिद्ध
पार्थियाई राजा गोंडीफनिर्स था । इसी के शासन काल में सेंट टामस ईसाई धर्म का
प्रचार करने के लिए भारत आया था।
नोट : पार्थियाई लोगों का मूल स्थान ईरान में था ।
शक (Saka) पर MCQ
शक कौन थे?
A) मध्य एशियाई योद्धा जाति
B) भारतीय ब्राह्मण वंश
C) दक्षिण भारतीय राजवंश
D) फारसी तानाशाह
उत्तर: A
शकों का भारतीय उपमहाद्वीप में आगमन कब हुआ?
A) 4th शताब्दी ईसा पूर्व
B) 2nd शताब्दी ईसा पूर्व
C) 1st शताब्दी ईस्वी
D) 5th शताब्दी ईस्वी
उत्तर: B
शक वंश का प्रमुख क्षेत्र कौन सा था?
A) दक्षिण भारत
B) पंजाब, सिंध और गुजरात
C) बंगाल
D) मध्य प्रदेश
उत्तर: B
शकों का संबंध किस मध्य एशियाई जाति से था?
A) हूण
B) स्किथियन
C) मंगोल
D) तुर्क
उत्तर: B
शकों का पतन किस साम्राज्य के कारण हुआ?
A) मौर्य
B) गुप्त
C) कूशाण
D) ससानी
उत्तर: B
शक वंश ने किस प्रकार की कला को प्रभावित किया?
A) मौर्य कला
B) गांधार कला
C) गुप्त कला
D) राजपूत कला
उत्तर: B
शक वंश के सिक्कों पर कौन सी लिपि पाई जाती है?
A) केवल ब्राह्मी
B) ब्राह्मी, खरोष्ठी और ग्रीक
C) केवल ग्रीक
D) केवल खरोष्ठी
उत्तर: B
शकों ने किस धर्म को संरक्षण दिया?
A) केवल हिन्दू धर्म
B) केवल बौद्ध धर्म
C) बौद्ध, हिन्दू और पारसी धर्म
D) केवल ज़ोरास्ट्रियन धर्म
उत्तर: C
शकों की सामाजिक व्यवस्था कैसी थी?
A) पूर्ण रूप से हिन्दू जाति व्यवस्था
B) घुमंतू और योद्धा प्रधान
C) कृषि प्रधान समाज
D) व्यापारी वर्ग प्रधान
उत्तर: B
शक वंश की राजधानी किस स्थान को माना जाता है?
A) पाटलिपुत्र
B) पुरानी शक (सेना नगर)
C) तक्षशिला
D) कंधार
उत्तर: B
शक वंश ने किन व्यापार मार्गों को नियंत्रित किया?
A) सिल्क रोड के दक्षिणी मार्ग
B) रोमन व्यापार मार्ग
C) समुद्री मार्ग
D) मौर्य व्यापार मार्ग
उत्तर: A
शकों की भाषा में मुख्यतः कौन से तत्व पाए जाते थे?
A) केवल संस्कृत
B) मध्य एशियाई भाषाओं और प्राकृत के
मिश्रण
C) केवल फारसी
D) केवल ग्रीक
उत्तर: B
शक वंश के पतन में सबसे बड़ा कारण क्या था?
A) प्राकृतिक आपदाएं
B) गुप्त साम्राज्य के सैन्य अभियान
C) आर्थिक संकट
D) विदेशी व्यापार का खत्म होना
उत्तर: B
शकों के सिक्कों पर सबसे अधिक कौन सा धातु इस्तेमाल हुआ?
A) सोना
B) चांदी
C) तांबा
D) लोहे
उत्तर: B
शकों के शासनकाल में प्रमुख आर्थिक गतिविधि क्या थी?
A) केवल कृषि
B) कृषि, पशुपालन और व्यापार
C) केवल खनन
D) केवल समुद्री व्यापार
उत्तर: B
शक वंश की स्थापत्य कला का प्रभाव कहाँ देखा जा सकता है?
A) राजस्थान और गुजरात के मंदिरों में
B) दक्षिण भारत के किले में
C) बंगाल के मठों में
D) बिहार के स्तूपों में
उत्तर: A
शक वंश के प्रमुख शासकों में से एक कौन था?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) राजा रुद्र
C) सम्राट अशोक
D) चंद्रगुप्त गुप्त
उत्तर: B
शक वंश के सिक्कों पर किन धार्मिक प्रतीकों का चित्र मिलता है?
A) केवल हिन्दू देवता
B) बौद्ध स्तूप, यूनानी देवता और पारसी प्रतीक
C) केवल बौद्ध प्रतीक
D) कोई नहीं
उत्तर: B
शकों ने किस भारतीय धार्मिक ग्रंथ के संरक्षण में भूमिका निभाई?
A) वेद
B) मिलिन्द पञ्हा
C) महाभारत
D) रामायण
उत्तर: B
शक वंश का शासनकाल मुख्यतः कब तक था?
A) 2nd शताब्दी ईसा पूर्व से 5वीं सदी ईस्वी तक
B) 4th शताब्दी ईसा पूर्व से 1st सदी ईस्वी तक
C) 1st सदी ईस्वी से 6वीं सदी तक
D) 5th सदी से 10वीं सदी तक
उत्तर: A
शक वंश के सिक्कों पर शासक के नाम किस भाषा में सबसे अधिक लिखा जाता
था?
A) ग्रीक
B) संस्कृत
C) प्राकृत
D) फारसी
उत्तर: A
शकों के समाज में महिलाओं की स्थिति कैसी थी?
A) समाज में सम्मानित और कई महिला
योद्धा भी थीं
B) केवल गृहिणी
C) समाज में कोई स्थान नहीं था
D) केवल धार्मिक भूमिका निभाती थीं
उत्तर: A
शकों का संबंध किस ऐतिहासिक समुदाय से था?
A) मंगोल
B) हूण
C) स्किथियन
D) तुर्क
उत्तर: C
शकों ने किस प्रमुख मध्य एशियाई साम्राज्य के साथ संघर्ष किया?
A) रोमन
B) पारसी
C) मंगोल
D) चीन
उत्तर: B
शक वंश के समय किस लिपि का उपयोग प्रशासनिक अभिलेखों में हुआ?
A) ब्राह्मी और खरोष्ठी
B) देवनागरी
C) फारसी
D) अरबी
उत्तर: A
शक वंश के सिक्कों पर अक्सर कौन सा चित्र पाया जाता था?
A) घोड़े पर सवार योद्धा
B) केवल पशु
C) कोई चित्र नहीं
D) केवल धार्मिक प्रतीक
उत्तर: A
शक वंश के शासनकाल में बौद्ध धर्म का क्या हाल था?
A) उसका पूर्ण विनाश हुआ
B) संरक्षण और विकास हुआ
C) कोई प्रभाव नहीं पड़ा
D) केवल हिन्दू धर्म प्रचलित था
उत्तर: B
शक वंश के सिक्कों का अध्ययन किस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है?
A) भूगोल
B) इतिहास और अर्थव्यवस्था
C) खगोल विज्ञान
D) कृषि विज्ञान
उत्तर: B
शक वंश ने किस क्षेत्र में सबसे अधिक सांस्कृतिक प्रभाव डाला?
A) दक्षिण भारत
B) उत्तर-पश्चिम भारत
C) पूर्वी भारत
D) मध्य भारत
उत्तर: B
शकों की सेना में प्रमुख कौन से अंग थे?
A) केवल पैदल सेना
B) घुड़सवार सेना, पैदल सेना और हाथी सेना
C) केवल तोपखाने
D) केवल नौसेना
उत्तर: B
शक वंश का संबंध किस प्राचीन युद्धकला से था?
A) तलवारबाजी
B) घुड़सवारी और धनुषबाजी
C) तीरंदाजी
D) कुल्हाड़ी युद्ध
उत्तर: B
शक वंश के पतन के बाद भारत में किस विदेशी वंश का उदय हुआ?
A) गुप्त
B) कूशाण
C) मौर्य
D) सासानियन
उत्तर: B
शक वंश के शासनकाल के दौरान कौन से व्यापारिक मार्ग प्रमुख थे?
A) समुद्री मार्ग
B) सिल्क रोड
C) भारत-मध्य पूर्व मार्ग
D) कोई नहीं
उत्तर: B
शक वंश के सिक्कों पर किस प्रकार के देवताओं के चित्र मिलते हैं?
A) केवल यूनानी देवता
B) यूनानी, भारतीय और पारसी देवता
C) केवल भारतीय देवता
D) केवल पारसी देवता
उत्तर: B
शक वंश के शासनकाल में कौन से क्षेत्र प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र थे?
A) तक्षशिला और पुरानी शक
B) पाटलिपुत्र
C) वाराणसी
D) उज्जैन
उत्तर: A
शक वंश की कला और स्थापत्य का किसने अध्ययन किया?
A) केवल भारतीय विद्वानों ने
B) प्राचीन और आधुनिक इतिहासकारों ने
C) केवल यूरोपीय कलाकारों ने
D) कोई नहीं
उत्तर: B
शक वंश के किस शासक को गुजरात में शासक के रूप में जाना जाता है?
A) राजा भोज
B) राजा रुद्र
C) सम्राट अशोक
D) राजा विक्रमादित्य
उत्तर: B
शक वंश के समय में किस प्रकार की आर्थिक गतिविधि प्रमुख थी?
A) केवल खनन
B) कृषि, पशुपालन और व्यापार
C) केवल व्यापार
D) केवल समुद्री व्यापार
उत्तर: B
शकों का भारतीय संस्कृति में क्या योगदान था?
A) केवल युद्ध तकनीक
B) कला, व्यापार और धार्मिक सहिष्णुता
C) केवल शासन प्रणाली
D) केवल सेना
उत्तर: B
शक वंश के पतन के बाद किसने उनके अधिकांश क्षेत्रों पर कब्ज़ा किया?
A) मौर्य
B) गुप्त और कूशाण
C) हूण
D) ग्रीक
उत्तर: B
शक वंश का इतिहास हमें किस क्षेत्र के बारे में जानकारी देता है?
A) मध्य एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप के
संपर्कों के बारे में
B) केवल भारत के अंदर
C) केवल यूरोप के बारे में
D) केवल चीन के बारे में
उत्तर: A
शक वंश के सिक्कों पर किस देवता का चित्र प्रायः मिलता है?
A) ज़्यूस
B) शिव
C) विष्णु
D) ब्रह्मा
उत्तर: A
शक वंश की सैन्य नीति में किसका प्रमुख योगदान था?
A) समुद्री युद्ध
B) घुड़सवारी और धनुषबाजी
C) तोपखाना
D) पैदल सेना
उत्तर: B
शक वंश के समय किस लिपि का उपयोग शासन में हुआ?
A) देवनागरी
B) ब्राह्मी और खरोष्ठी
C) अरबी
D) फारसी
उत्तर: B
शक वंश के शासनकाल की कला शैली का प्रभाव किस काल तक दिखता है?
A) मौर्य काल तक
B) गुप्त और कूशाण काल तक
C) म्यूगल काल तक
D) आधुनिक काल तक
उत्तर: B
शक वंश के सिक्कों का अध्ययन किसके लिए महत्वपूर्ण है?
A) पुरातत्व और इतिहास के लिए
B) गणित के लिए
C) खगोल विज्ञान के लिए
D) चिकित्सा के लिए
उत्तर: A
शकों की भाषा में मुख्यतः कौन सी लिपि नहीं पाई जाती?
A) ब्राह्मी
B) खरोष्ठी
C) देवनागरी
D) ग्रीक
उत्तर: C
शक वंश की धार्मिक नीति कैसी थी?
A) केवल एक धर्म को बढ़ावा देना
B) बहुधार्मिक सहिष्णुता
C) सभी धर्मों का दमन
D) केवल पारसी धर्म का प्रचार
उत्तर: B
शक वंश के कौन से शासक को ‘राजा रुद्र’ के नाम से जाना जाता है?
A) गुजरात के शासक
B) पंजाब के शासक
C) दक्षिण भारत के शासक
D) बंगाल के शासक
उत्तर: A
शक वंश के पतन के बाद भारत के किस क्षेत्र में गुप्त साम्राज्य का
विस्तार हुआ?
A) दक्षिण भारत
B) उत्तर-पश्चिम भारत
C) पूर्वी भारत
D) मध्य भारत
उत्तर: B
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