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मुगल साम्राज्य (बाबर ) ,Mughal Empire (Babur )


मुगल साम्राज्य (बाबर (1526 - 1530 ई.) ,Mughal Empire (Babur (1526 - 1530 AD)


मुगल वंश का संस्थापक बाबर था। बाबर एवं उत्तरवर्ती मुगल शासक तुर्क एवं सुन्नी मुसलमान थे। बाबर ने मुगल वंश की स्थापना के साथ ही पद-पादशाही की स्थापना की, जिसके तहत शासक को बादशाह कहा जाता था।

बाबर (1526 - 1530 ई.)
> बाबर का जन्म फरवरी, 1483 ई. में हुआ था। इसके पिता उमरशेख मिर्जा फरगाना नामक छोटे राज्य के शासक थे बाबर फरगाना की गद्दी पर 8 जून, 1494 ई. में बैठा ।
> बाबर ने 1507 ई. में बादशाह की उपाधि धारण की, जिसे अब तक किसी तैमूर शासक ने धारण नहीं की थी। बाबर के चार पुत्र थे-हुमायूँ, कामरान, असकरी तथा हिंदाल ।
> बाबर ने भारत पर पाँच बार आक्रमण किया। बाबर का भारत के विरुद्ध किया गया प्रथम अभियान 1519 ई.  में युसूफ जाई जाति के विरुद्ध था। इस अभियान में बाबर ने बाजीर और भेरा को अपने अधिकार में कर लिया।
> पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने पहली बार तुगलमा युद्ध नीति एवं तोपखाने का प्रयोग किया था । उस्ताद अली एवं मुस्तफा बाबर के दो प्रसिद्ध निशानेबाज थे, जिसने पानीपत के प्रथम युद्ध में भाग लिया था।

बाबर द्वारा लड़े गए प्रमुख युद्ध

युद्ध

वर्ष

पक्ष

परिणाम

पानीपत का प्रथम युद्ध

21 अप्रैल, 1526

इब्राहिम लोदी व बाबर

बाबर विजयी

खानवा का युद्ध

17 मार्च, 1527

राणा सॉंगा एवं बाबर

बाबर विजयी

चन्देरी का युद्ध

29 जन.,1528

मेदनी राय एवं बाबर

बाबर विजयी

घाघरा का युद्ध

6 मई, 1529

अफगानों एवं बाबर

बाबर विजयी


> इब्राहिम लोदी मध्यकाल का प्रथम शासक था जो युद्धस्थल में मारा गया। इसके साथ उसका मित्र ग्वालियर के राजा विक्रमजीत भी युद्धस्थल में मारा गया।
नोट : हुमायूँ ने कोहिनूर हीरा ग्वालियर के दिवंगत राजा विक्रमजीत के परिवार से प्राप्त किया था।
> बाबर को अपनी उदारता के लिए कलन्दर की उपाधि दी गयी। खानवा युद्ध में बाबर ने राणा साँगा के खिलाफ जिहाद का नारा दिया और युद्ध में विजय के बाद गाजी की उपाधि धारण की ।
> 30 जनवरी, 1528 ई. को जहर दे देने के कारण राणा साँगा की मृत्यु हो गई।
> बाबर ने बंगाल के शासक नुसरतशाह के साथ 6 मई, 1529 को एक दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करते हुए एक संधि की जिसके अनुसार नुसरतशाह ने अफगान विद्रोहियों को शरण न देने का वचन दिया।
> करीब 48 वर्ष की आयु में 26 दिसम्बर, 1530 ई. को आगरा में बाबर की मृत्यु
> प्रारंभ में बाबर के शव को आगरा के आरामबाग में दफनाया गया, बाद में काबुल में उसके द्वारा चुने गए स्थान पर देफनाया गया।
> बाबर की मातृभाषा तुर्की थी लेकिन वह अरबी और फारसी का भी अच्छा ज्ञाता था। बाबर ने अपनी आत्मकथा बाबरनामा (तुर्की में) की रचना की, जिसका अनुवाद बाद में फारसी भाषा में अब्दुल रहीम खानखाना ने किया। अपनी आत्मकथा में बाबर ने औपचारिक बागों की योजनाओं और उनके बनाने में अपनी रुचि का वर्णन किया है। अकसर ये बाग दीवार से घिरे होते थे तथा कृत्रिम नहरों द्वारा चार भागों में विभाजित आयताकार अहाते में स्थित थे। समान हिस्सों में बँटे होने के कारण ये चार बाग कहलाते थे।
हो गयी।
नोट : चार बाग बनाने की परम्परा की शुरुआत अकबर के समय से हुई।
> बाबर को मुबईयान नामक पद्यशैली का भी जन्मदाता माना जाता है। बाबर प्रसिद्ध नक्शबन्दी सूफी ख्वाजा उबैदुल्ला अहरार का अनुयायी था। बाबर का उत्तराधिकारी हुमायूँ हुआ।

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