Total Count

Subscribe Us

लॉर्ड कैनिंग , Lord Canning

लॉर्ड कैनिंग (1856-1862 ई.) Lord Canning (1856–1862 AD)


> यह भारत में कम्पनी द्वारा. नियुक्त अन्तिम गवर्नर-जेनरल तथा ब्रिटिश सम्राट् के अधीन नियुक्त भारत का प्रथम वायसराय था।
> इसके समय की सबसे महत्वपूर्ण घटना थी सन् 1857 ई. का ज ऐतिहासिक विद्रोह। इसी विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधार के अन्तर्गत भारत का शासन कम्पनी के हाथों से सीधे ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण में ले लिया गया।
> कैनिंग के समय 1861 में उच्च न्यायालय अधिनियम बनाया गया जिसके अनुसार पुरानी सुप्रीम कोर्ट और सदर अदालतों को समाप्त कर दिया गया तथा कलकत्ता, मद्रास तथा मुम्बई में एक-एक पमा उच्च न्यायालय की स्थापना की गई।
नोट : 1866 में आगरा में एक उच्च न्यायालय की स्थापना की गई जिसे 1875 में इलाहाबाद स्थानान्तरित कर दिया गया।
> कैनिंग के समय में ही 1856 ई. में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम स्वतंत्र रूप से लागू हुआ। भारत में पहला कानूनी विधवा विवाह कलकत्ता में 7 दिसम्बर, 1856 ई. को ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की प्रेरणा और देख-रेख में सम्पन्न हुआ।
1856 में पैतृक सम्पत्ति से संबंधित जो कानून बनाया गया उसके अनुसार यह निश्चित किया गया कि धर्म परिवर्तन करने पर किसी व्यक्ति को उसकी पैतृक सम्पत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा।
> 1857ई.में कैनिंग के समय ही महालेखा परीक्षक पद का सृजन किया गया जो स्वतंत्रता के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कहलाया।
> भारत शासन अधिनियम-1858 ई. के तहत मुगल सम्राट के पद को समाप्त कर दिया गया।
> मैकाले द्वारा प्रारूपित दंड-संहिता को 1858 ई. में कानून बना दिया गया तथा 1859 ई. में अपराध विधान संहिता लागू की गयी। व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of Lapase) यानी राज्य-विलय की नीति को समाप्त कर दिया गया।
> 1861 ई. में इंडियन कौंसिल एक्ट पारित हुआ तथा पोर्टफोलियो- प्रणाली लागू की गयी।

अन्य विषय 

अन्य जानकारी