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अंग्रेजों के मैसूर से संबंध (British relations with Mysore)

अंग्रेजों के मैसूर से संबंध (British relations with Mysore)


> 1761 ई. में हैदर अली मैसूर का शासक बना।
> हैदर अली की मृत्यु 1782 ई. में द्वितीय ऑग्ल-मैसूर युद्ध के दौरान हो गयी।
> हैदर अली का उत्तराधिकारी उसका पुत्र टापू सुल्तान हुआ।
> 1787 ई. में टीपू ने अपनी राजधानी श्रीरंगपट्टनम में 'पादशाह' की उपाधि धारण की।
> टीपू ने अपनी राजधानी श्रीरंगपट्टेनम में स्वतंत्रता का वृक्ष लगवाया और साथ ही जैकोबिन क्लब का सदस्य बना।

प्रमुख युद्ध

वर्ष

गवर्नर जनरल

प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध

1767 - 69 ई.

-

द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध

1780 - 84

वारेन हेर्स्टिंग्स

तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध

1790 - 92 ई.

कार्नवालिस

चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध

1799 ई.

लॉर्ड वेलेजली

> इस युद्ध में मराठा, हैदराबाद के निजाम एवं अंग्रेजों की संयुक्त सेना मैसूर के खिलाफ लड़ रही थी ।
> टीपू की मृत्यु श्रीरंगपट्टम की आखिरी युद्ध यानी चतुर्थ आँग्ल-मैसूर युद्ध के दौरान 1799 ई. में हो गयी। टीपू सुल्तान को शेर-ए-मैसूर कहा जाता था।
> टीपू सुल्तान के राजसी झंडे पर शेर की तस्वीर होती थी।
नोट : 1760 ई. में वांडीवास का युद्ध हुआ, जिसमें अंग्रेजों ने सर आयरकूट के नेतृत्व में, लाली के नेतृत्व वाली फ्रांसीसी सेना को पराजित किया।

महत्वपूर्ण संधियाँ

प्रथम आग्ल-मैसूर युद्ध

मद्रास की संधि

1769 . ई.

द्वितीय आँग्ल-मैसूर युद्ध

मंगलोर की संधि

1784 ई.

तृतीय आँग्ल-मैसूर युद्ध

श्रीरंगपट्टनम की संधि

1792 ई.



 अन्य विषय 

अन्य जानकारी